बिना टीईटी पास किए अध्यापन अनुभव के आधार पर कर सकते हैं प्रधानाध्यापक की नियुक्ति 2019

बिना टीईटी पास किए अध्यापन अनुभव के आधार पर कर सकते हैं प्रधानाध्यापक की नियुक्ति, कोर्ट ने प्रोन्नति के मामले में बीएसए प्रतापगढ़ के आदेश को किया रद्द



उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक बनने के लिए टीईटी की अर्हता से छूट देने की मांग को लेकर दाखिल याचिका हाई कोर्ट ने खारिज कर दी है। याची का कहना था कि, पांच वर्ष के अनुभव की अर्हता के बाद टीईटी उत्तीर्ण होने की अर्हता आवश्यक नहीं है। कोर्ट ने इस दलील को अस्वीकार करते हुए याचिका खारिज कर दी। 

कोर्ट ने याची की इस दलील को स्वीकार नहीं किया कि, उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूल (जूनियर हाईस्कूल) नियुक्ति एवं अध्यापक की सेवाशर्त नियमावली 1978 में सहायक अध्यापक बनने के लिए ही टीईटी की अर्हता है, प्रधानाध्यापक के लिए नहीं है। विनोद कुमार शुक्ला की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जस्टिस बी. अमित स्थालेकर ने दिया है। 

याचिका में दो जनवरी 2016 को जारी विज्ञापन को चुनौती दी गयी थी। विज्ञापन मान्यता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापकों को प्रधानाध्यापक नियुक्ति करने के लिए दिया गया है। इसमें न्यूनतम अर्हता टीईटी उत्तीर्ण और प्रधानाध्यापक के लिए किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में कम से कम पांच वर्ष का सहायक अध्यापक के रूप में कार्य अनुभव भी जरूरी रखा गया। (navbharattimes news)



ALSO READ


No comments:

Post a Comment